मध्य प्रदेश सरकार ने जालसाजी एवं तस्करी से निपटने के लिए सरकार, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उद्योग के बीच एकजुट कदम की वकालत की

                                 


मध्य प्रदेश सरकार ने जालसाजी एवं तस्करी से निपटने के लिए सरकार,
कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उद्योग के बीच एकजुट कदम की वकालत की


नई दिल्ली : मध्य प्रदेश सरकार के औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के प्रधान
सचिव संजय कुमार शुक्ला ने कल कहा,जालसाजी और तस्करी से निपटने की दिशा में संयोजित तरीके से
काम करने और खामियों को समझने के लिए सरकार, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, उद्योग और उपभोक्ताओं को एक
साथ आना होगा। फिक्की की अर्थव्यवस्था को बरबाद कर रही तस्करी एवं जालसाजी की गतिविधियों के
खिलाफ कमेटी (कास्केड) द्वारा;कोविड-19 महामारी के दौरान एवं उसके बाद जालसाजी एवं तस्करी से
लड़ाई विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए श्री शुक्ला ने कहा कि भारत से इस समस्या को
खत्म करने की दिशा में फिक्की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजमाए गए सर्वश्रेष्ठ कदमों और कार्रवाइयों का उद्धरण
देते हुए सरकार को अवगत करा सकती है कि कैसे अन्य देश इस समस्या का सफलतापूर्वक सामना करने में
सक्षम हुए हैं।
मध्य प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के अतिरिक्त महानिदेशक विपिन माहेश्वरी ने कहा, कोविड-19
हम सब के लिए आंखें खोलने वाली घटना है। बात चाहे दूध की हो, कॉस्मेटिक्स की हो, कपड़ों की हो,
फुटवियर की हो, बीज की हो, उर्वरक की हो या फार्मा सेक्टर की, उत्पादों की कोई भी श्रेणी अछूती नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए सतत अभियान, कानून में जरूरी संशोधन, जुर्माने एवं
सजा में वृद्धि, उत्पादों की जांच करने वाली ज्यादा प्रयोगशालाएं स्थापित करना कुछ ऐसे कदमों में से हैं, जिन
पर सरकार, पुलिस और कारोबारी समुदाय को मिलकर काम करना चाहिए।
फिक्की कास्केड के थिंक टैंक सदस्य और भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के पूर्व सचिव पी. के.
मल्होत्रा ने कहा, तस्करी और जालसाजी से अर्थव्यवस्था को कई तरह से नुकसान होता है और वैश्वीकरण एवं
आवाजाही सुगम होने से यह समस्या तेजी से बढ़ी है।श्री मल्होत्रा ने अवैध उत्पादों से मुक्त अनुकूल माहौल
बनाने के लिए केंद्रीय एवं राज्य एजेंसियों के बीच प्रभावी गठजोड़, घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को मजबूत करने, मांग
एवं आपूर्ति के अंतर को पूरा करने और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया।


वेबिनार को संबोधित करते हुए फिक्की कास्केड के चेयरमैन अनिल राजपूत ने कहा, अवैध कारोबार के
दोषियों के खिलाफ लगातार अथक प्रयास के लिए मैं मध्य प्रदेश सरकार एवं यहां की प्रवर्तन एजेंसियों की
प्रशंसा करना चाहता हूं। कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुए अप्रत्याशित संकट के बावजूद उनकी सतर्कता
एवं सक्रियता बड़े पैमाने पर सिगरेट, शराब, नकली दूध, जाली नोट और अन्य को बड़े पैमाने पर जब्त करने की
कार्रवाइयों से स्पष्ट रूप से दिखती है। मुझे विश्वास है कि वे आगे भी अपने इस जबर्दस्त प्रदर्शन को बरकरार
रखेंगे और अवैध कारोबार के खिलाफ हमारी लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
इस वेबिनार का आयोजन महामारी के कारण आई बाधाओं को समझने व उन पर चर्चा के लिए किया गया था,
जिसने संवेदनशील संस्थानों और ग्राहकों का शिकार करने के लिए धोखेबाजों के सामने कई रास्ते खोल दिए हैं।
मौजूदा माहौल में, जब नई चुनौतियां बढ़ रही हैं और अपराधी मौजूदा चुनौतियों को भी बढ़ा रहे हैं, ऐसे में इस
वैश्विक संकट से निपटना और भी ज्यादा अहम और जरूरी हो गया है।
वेबिनार में इस संकट से निपटने के लिए सरकार एवं उद्योग जगत के बीच नीतिगत स्तर पर गठजोड़ की
जरूरत सामने आई। अवैध कारोबार से केवल सरकार को राजस्व का नुकसान ही नहीं होता है, बल्कि इससे
बेरोजगारी भी बढ़ती है और इसलिए इस तरह के अपराध से निपटने की दिशा में प्रवर्तन अधिकारियों को
प्रशिक्षित करने व उन्हें संवदेनशील बनाने के लिए ज्यादा केंद्रीकृत एवं एकजुट होकर प्रयास करने की जरूरत है।
वेबिनार में उद्योग जगत की हस्तियों, सरकारी अधिकारियों, प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों और इससे जुड़े
अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। यह वेबिनार मध्य प्रदेश पर केंद्रित रहा और फिक्की कास्केड की तरफ से अवैध
कारोबार के मुद्दे को उठाने और विभिन्न राज्यों से प्रतिक्रिया लेने के लिए देशभर में किए जाने वाले आयोजनों
का ही हिस्सा था। इस मौके पर फिक्की मध्य प्रदेश स्टेट काउंसिल के चेयरमैन और शक्ति पंप्स इंडिया लिमिटेड  के सीएमडी दिनेश पाटीदार ने समापन वक्तव्य दिया।