मन में न रखें। एमटीवी निषेध के साथ #khulkebol

एमटीवी निषेध का सहयोग करने के लिए भूमि पेडनेकर कॉज़ एम्बेसडर और नीति मोहन कॉज़ सपोर्टरके रूप में जुड़ीं


सैक्स, कॉन्डोम, एबॉशन, टीबी। ये शब्द जब भी जोर से बोले जाते हैं, तो हम उसे रोक देते हैं। युवा भारतीय अपने दृष्टिकोण में खुले व बेबाक हैं, लेकिन इन बातों पर चर्चा करने के बारे में अभी भी समाज में हिचक है। लेकिन 25 जनवरी के बाद एमटीवी आपसे अपनी नई सीरीज़ एमटीवी निषेध में इन सभी बातों पर खुलकर चर्चा करने तथा पुरानी मान्यताओं को तोड़ने का आग्रह करेगा। भारत के नं. 1 युवा ब्रांड के रूप में एमटीवी सदैव से सामाजिक रोक-टोक पर खुलकर चर्चा करता आया है। एमटीवी निषेध के साथ यह ब्रांड हल्की व सामान्य वार्ता के द्वारा उन सामाजिक मुद्दों को उठाएगा, जिन पर अभी तक बात नहीं की जाती थी


ये कहानियां समाज में कलंक माने जाने वाले विषयों पर होंगी, जैसे आधुनिक कॉन्ट्रासेप्शन, मेडिकल एबॉर्शन, सहमति, ट्यूबरकुलोसिस एवं पोषण। एमटीवी निषेध का निर्माण विक्टर टांगो ने किया है और यह 25 जनवरी से हर शनिवार व रविवार रात 8 बजे एमटीवी पर प्रसारित होगा। यह शो कलर्स रिश्ते पर 1 फरवरी से हर शनिवार व रविवार, रात 10:30 बजे प्रसारित होगा एवं वूट पर स्ट्रीम किया जा सकेगा।


एक मजबूत सामाजिक संदेश दिए जाने के कारण भूमि पेडनेकर एमटीवी निषेध का कॉज़ एम्बैसडर बनकर आई हैं। भूमि पेडनेकर ने कहा, "हम ऐसे युग में रह रहे हैं, जिसमें युवा साहसी और परिवर्तन लाने के लिए तैयार हैं। दुनिया में स्वास्थ्य की ऐसी कई समस्याएं हैं, जिनके बारे में खुलकर बात करने की जरूरत है और इसी की शुरुआत एमटीवी निषेध ने की है। जिंदगी के लिए उपयोगी एवं लगभग असली लगने वाले किरदारों के साथ यह शो आधुनिक कॉन्ट्रासेप्शन, मेडिकल अबॉर्शन एवं टीबी जैसी समस्याओं के बारे में कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर दे रहा है। यह युवा भारत के लिए खुलकर बात करने का एक सही समय है और मुझे खुशी है कि मैं कॉज़ एम्बेसडर के रूप में एमटीवी निषेध से जुड़ी हूँ। मैं पुरानी मान्यताओं को तोड़ने, जागरुकता बढ़ाने और सकारात्मक परिवर्तन लाने में अपना योगदान दे रही हूँ।”


लोकप्रिय गायिका एवं देश की पहली महिला वोकलिस्ट, जिन्होंने महिला सशक्तीकरण के लिए यूएन के साथ सहयोग किया, नीति मोहन इस शो के एंथेम ‘खुल के बोल' को अपनी आवाज देकर इसके कॉज़ सपोर्टर के रूप में जुड़ी हैं। भारतीय म्यूजिक कंपोज़र, चिरंतन भट्ट द्वारा निर्मित एवं मनोज यादव के बोल वाला यह गाना युवाओं को खुद की बेडियां तोड़ने के लिए प्रेरित करता है। नीति मोहन ने कहा, “म्यूजिक में विचारों एवं भावनाओं को अभिव्यक्त करने की क्षमता है। एक शक्तिशाली संदेश देने वाले शो, एमटीवी निषेध को अपनी आवाज, 'खुलकेबोल' देगा।"


सुधांशु वत्स, ग्रुप सीईओ एवं एमडी, वायकॉम18 ने कहा, "मैं सदैव से मानता रहा हूँ कि अच्छा काम करना व्यवसाय के लिए अच्छा है। हमने शुरू से ही सामाजिक समस्याओं पर कंटेंट बनाया है और एक सफल ब्रॉडकास्ट बिज़नेस का निर्माण किया है। बालिका वधू से शक्ति एवं लाड़ो तक, हमने समाज के लिए अनेक संवेदनशील समस्याओं को अपने टीवी कंटेंट में उठाया है। इसके अलावा अपने युवा ब्रांड एमटीवी के द्वारा हम टीवी शो के अलावा मल्टीमीडिया कैम्पेन का निर्माण भी कर रहे हैं, जिससे समाज की विविध थीम्स पर प्रकाश पड़ता हो। हमने अपनी फिल्मों, क्वीन एवं टॉयलेटः एक प्रेम कथा द्वारा महिला सशक्तीकरण से लेकर स्वच्छता तक अनेक समस्याओं को उठाया है। अच्छा काम करने का हमारा व्यवसायिक सिद्धांत पिछले साल तब भी प्रदर्शित हुआ था जब हमने बीएमजीएफ के साथ मिलकर नवरंगी रे! नामक सीरीज़ प्रस्तुत की थी, जिसमें मल कीचड़ प्रबंधन की समस्या पर समाज में परिवर्तन लाने का प्रयास किया गया था। एक सोच वाले कॉर्पोरेट एवं समाजिक संगठन, जो एमटीवी निषेध में सहयोग कर रहे हैं, उनकी संख्या इसका प्रमाण है और अच्छे व्यवसाय के लिए अच्छा काम करने की हमारी फिलॉसफी को प्रदर्शित करता है।"


जॉर्जिया अरनोल्ड, एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर, एमटीवी स्टेईंग अलाईव फाउंडेशन ने कहा, “एमटीवी निषेध एमटीवी स्टेईंग अलाईव फाउंडेशन के सफर का एक आकर्षक बिंदु है। एमटीवी शुगा मॉडल को भारत में लाने से युवा भारतीयों को अपनी दैनिक जिंदगी को प्रभावित करने वाली समस्याओं को उठाने का स्थान मिल गया है। एमटीवी निषेध की शक्ति असली जिंदगी का प्रतिबिंब है, जिसके द्वारा हम इसके विकास के हर चरण में युवाओं को संलग्न कर सुनिश्चित कर रहे हैं, कि ये कहानियां उपयोगी, मनोरंजक एवं रोचक हों। हमारा सारा कंटेंट दर्शकों को स्वास्थ्य की सेवाओं की ओर केंद्रित करता है, जिससे उन्हें उपयोगी मदद मिले। हमारा मानना है कि एमटीवी निषेध में सांस्कृतिक संपत्ति के लिए उपयोगी होने की सामर्थ्य है तथा यह एक सफल सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान बन सकता है।"


एमटीवी निषेध की दुनिया लोकप्रिय युवा टीवी चेहरों प्रिया चौहान, शिवम पाटिल, मल्हार राठौर, गौतम विज, सैयद रजा अहमद, हिमिका बोस आदि के द्वारा प्रस्तुत की गई हैआस्था की भूमिका निभाने वाली कलाकार, मल्हार राठौर ने कहा, “एमटीवी निषेध उन समस्याओं को उठा रहा है, जिन्हें लंबे समय से नजरंदाज किया गया है। मेरा किरदार चुनौतीपूर्ण है और आज की युवा महिला के अनेक पक्षों को दिखाता है। यह शो उन समस्याओं को आवाज दे रहा है, जिन्हें पितृप्रधान समाज में दबा दिया गया है। इसकी कहानी युवाओं को उपयोगी व रोचक लगेगी। मेरा विचार है कि एमटीवी निषेध फिक्शन की शैली में लोगों की आंखों पर पड़े पर्दे को हटा देगी।'


मेघा का किरदार निभाने वाली, अभिनेत्री प्रिया चौहान ने कहा, “मनोरंजक कहानी और व्यंग्य के साथ एमटीवी निषेध हमारी सेहत से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण टिप्पणी प्रस्तुत कर रहा है। युवाओं की अधिकता वाले देश में यह समय बिल्कुल उपयुक्त है, जब हम पुरानी मान्यताओं को तोड़ें और कॉन्ट्रासेप्शन, मेडिकल एबॉर्शन एवं टीबी जैसी समस्याओं पर खुलकर बात करें। मुझे उम्मीद है कि एमटीवी निषेध इस दिशा में एक बड़ा कदम होगा।"


विकी का किरदार निभाने वाले सैयद रजा अहमद ने कहा, “स्वास्थ्य की समस्याओं तथा अज्ञानता के कारण भारत में एमटीवी निषेध शुरू करने का इससे अच्छा समय और कोई नहीं था। मुझे यह सुनकर आश्चर्य होता है कि दुनिया में सर्वाधिक टीबी भारत में होता है, लेकिन इससे भी ज्यादा आश्चर्यजनक बात यह है कि इसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि विकी के किरदार में मैं टीबी से जुड़े कलंक को दूर करने एवं इसकी जागरुकता बढ़ाने में मदद कर रहा हूं।"


प्रेम, महत्वाकांक्षा, सशक्तीकरण, परिवार एवं स्वास्थ्य की थीम के साथ एमटीवी निषेध का निर्माण विक्टर टांगो ने किया है और यह दमदार कहानियों द्वारा शिक्षा व मनोरंजन का प्रसार करेगा, जिसमें युवा बदलावके उत्प्रेरक की भूमिका निभाएंगे। 25 जनवरी से परिवर्तन का हिस्सा बनिए। केवल एमटीवी पर खुल के बोल ।