दूरसंचार विभाग ने कोविड-19 आपातकाल के दौरान ग्राहकों के लिए दुरूस्त नेटवर्क और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं हेतु उद्योग को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया

दूरसंचार विभाग ने कोविड-19 आपातकाल के दौरान ग्राहकों के लिए दुरूस्त नेटवर्क और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं हेतु उद्योग को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया


दूरसंचार उद्योग द्वारा दूरसंचार विभाग को किए गए अनुरोध मानने में विलंब के परिणाम स्वरूप नेटवर्क को जोखिम संबंधी खबरों का सीओएआई के खंडन करता है। दूरसंचार विभाग के सचिव, विभाग के वरिष्ठ सदस्यों और सीओएआई के महानिदेशक के बीच आज (13 अप्रैल) हुई बैठक में इस सतत लॉकडाउन के दौरान नागरिकों और ग्राहकों की जरूरतें पूरी करने को लेकर इस उद्योग की पहले से की गई तैयारियों पर चर्चा की गई।


क्वारंटाइन के बीते हफ्तों के दौरान नेटवर्कों के निष्पादन का जायजा लेते हुए नेटवर्क पर बढ़े हुए लोड की चुनौतियों को पूरा करने और नेटवर्क को दुरूस्त बनाए रखने में आवश्यक लॉजिस्टिक संबंधी मुद्दों को हल करने में उद्योग को दूरसंचार विभाग से मिले उल्लेखनीय सहयोग की सराहना की गई। स्ट्रीमिंग वीडियो कंपनियों को उनके कंटेंट एचडी से घटाकर एसडी पर लाने का अनुरोध, प्रत्येक एलएसए (लाइसेंस्ड सर्विस एरिया) में संपर्क का एकल बिंदु एवं परिचालन केंद्र स्थापित करने, महत्वपूर्ण नेटवर्क कार्मिकों की निर्बाध आवाजाही के लिए स्थानीय टर्म सेल्स एवं स्थानीय पुलिस के साथ सतत बातचीत, विभिन्न रिपोर्टिंग, टेस्टिंग और फिलिंग आवश्यकताओं को आगे बढ़ाने की अनुमति, दूरसंचार को आवश्यक सेवा के तौर पर अधिसूचित करना आदि इन सभी कदमों से ऑपरेटरों और उनके साझीदारों की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।


दूरसंचार विभाग ने पाया कि उसके और इस उद्योग के बीच मिलकर काम करने के परिणाम स्वरूप त्रुटिपूर्ण बीटीएस की संख्या घटाकर करीब 290 पर लाई गई जो क्वरनटाइन से पूर्व लगभग 800 थी। यह देशभर में करीब 22 लाख बीटीएस की कुल संख्या में से था। इसी तरह, क्वरनटाइन के पिछले 15 दिनों में ऑप्टिकल फाइबर कट की संख्या घटाकर लगभग 19 फाइबर कट पर लाई गई जो क्वरनटाइन से पूर्व लगभग 100 प्रतिदिन थी। सेल टावरों को स्थायी और निरंतर बिजली सुनिश्चित करने के लिए सभी बिजली कंपनियों को निर्देश दिये गए थे


इस बैठक में दूरसंचार विभाग ने इस उद्योग को यह आश्वासन भी दिया कि डायनामिक आईपी एड्रेसेस, अतिरिक्त बैकहॉल स्पेक्ट्रम, क्वरनटाइन की अवधि बढ़ने के चलते अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने में अतिरिक्त छूट, लंबित नेटवर्क इक्विपमेंट टाइप अप्रूवल्स (ईटीए), सिम एक्टिवेशन, आवश्यक सामानों के परिवहन आदि के लिए अनुरोध की समीक्षा की जाएगी और उद्योग की चिंताओं को दूर करने के लिए तेजी से निर्णय किए जाएंगे


बैठक के दौरान सीओएआई ने इस उद्योग को संकटपूर्ण वित्तीय स्थिति से जल्द निकालने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत पर बल दिया। इसने लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज में कमी और साथ ही जीएसटी में संशोधन की मांग की जहां स्पेक्ट्रम ऋण भुगतान, एलएफ और एसयूसी भुगतान को सेवाओं के तौर पर वर्गीकृत न किया जाये और इस तरह से इस पर जीएसटी न लगे। दूरसंचार विभाग के सचिव ने इस मामले को सदस्य वित्त के पास भेज दिया।


सीओएआई ने हाल ही में वित्त मंत्रालय से संपर्क कर जीएसटी इनपुट क्रेडिट के बदले रियायती ऋण उपलब्ध कराने, एसयूसी को घटाकर 3 प्रतिशत करने, लाइसेंस शुल्क 8 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत करने सहित विभिन्न मांगें मंत्रालय से की थीं। इस उद्योग ने लाइसेंस शुल्क, एसयूसी और नीलामी में प्राप्त स्पेक्ट्रम के भुगतान को जीएसटी शुल्क से मुक्त रखने का भी अनुरोध किया है। साथ ही इसने माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में दूरसंचार ऑपरेटरों द्वारा देय एलएफ एसयूसी की राशि पर सेवाकर छूट की भी मांग की है।


इस उद्योग ने दूरसंचार विभाग और सचिव श्री अंशु प्रकाश द्वारा मिलकर काम करने एवं इस देश के इतिहास में इस अनूठी अवधि के दौरान उद्योग के महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटने में समय पर कार्रवाई की सराहना की है। हम नागरिकों, ग्राहकों और सरकार को यह आश्वस्त करना चाहेंगे कि गंभीर वित्तीय स्थिति के बावजूद यह उद्योग अपने नेटवर्क को निरंतर परिचालन में शानदार ढंग से बनाए रखने के लिए वह सबकुछ करेगा जो उसके वश में है


राजन एस मैथ्यूज़, महानिदेशक, सीओएआई